अङ्गिरसामयन
यन्त्रोपारोपितकोशांशः
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पृष्ठभागोऽयं यन्त्रेण केनचित् काले काले मार्जयित्वा यथास्रोतः परिवर्तयिष्यते। तेन मा भूदत्र शोधनसम्भ्रमः। सज्जनैः मूलमेव शोध्यताम्। |
अङ्गिरसामयनम् [aṅgirasāmayanam], [अलुक् स.] A Sattra sacrifice.
Monier-Williams
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पृष्ठभागोऽयं यन्त्रेण केनचित् काले काले मार्जयित्वा यथास्रोतः परिवर्तयिष्यते। तेन मा भूदत्र शोधनसम्भ्रमः। सज्जनैः मूलमेव शोध्यताम्। |
अङ्गिरसामयन/ अङ्गिरसाम्-अयन n. a सत्त्रsacrifice.
Vedic Rituals Hindi
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पृष्ठभागोऽयं यन्त्रेण केनचित् काले काले मार्जयित्वा यथास्रोतः परिवर्तयिष्यते। तेन मा भूदत्र शोधनसम्भ्रमः। सज्जनैः मूलमेव शोध्यताम्। |
अङ्गिरसामयन न.
एक ‘संवत्सर सत्र’ वर्षभर चलने वाला यज्ञीय सत्र, ऐ.ब्रा. 18.3 (485); शां.श्रौ.सू. 13.22.1; बौ.श्रौ.सू. 2.262ः13; आप.श्रौ.सू. 23.9.16; मा.श्रौ.सू. 21०.5; अङ्गिरस् द्वारा स्वीकृत यज्ञ की एक प्रविधि, श.ब्रा. 4.4.5.2०; इस यज्ञ के कुछ विशिष्ट लक्षण। (का.श्रौ.सू. 24.4.11-17) निमन्लिखित विवरणों को छोड़कर इनका अनुष्ठान ‘आदित्यानामयनम्’-वत् होता है 1) अभिप्लव त्रिवृत्-स्तोम वाले होते हैं; 2) प्रथमार्ध में महीने ‘पृष्ठ्य षडह से प्रारम्भ होते हैं; 3) द्वितीयार्ध-मास का अन्त पृष्ठ्य षडह से होना चाहिए; 4) गो, आयुस् एवं छन्दोम क्रम में उलट दिये जाते हैं। अङ्गिरसां द्विरात्र पु. अगस्त्य के नाम के आधार पर अभिहित एक अहीन सोम याग, शाब.भा. 1965.14 (1०.5.53 पर)। अङ्गिरसां निवेष्ट पु. एक साम का नाम, जै.ब्रा. 3.25० (पशु की कामना से गाया जाता है)। अङ्गिरसां प्रयति स्त्री. एक ‘एकाह’ का नाम, आप.श्रौ.सू. 22.5.17। अङ्गिरसां संक्रोश पु. एक साम का नाम (अङ्गिरसों का सामूहिक गान) पञ्च.ब्रा. 12.3.22; मश. सू. 1.4.5। अङ्गिरस्तम (अङ्गिरस् + तमप्) पु. अङ्गिरसों में श्रेष्ठ (अधिकतर अगिन् उषस्, इन्द्र एवं सोम के लिए उक्त), ऋ.वे. 1.31.2; श.ब्रा. 7.3.2.8।
