क्षीरहोतृ
यन्त्रोपारोपितकोशांशः
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पृष्ठभागोऽयं यन्त्रेण केनचित् काले काले मार्जयित्वा यथास्रोतः परिवर्तयिष्यते। तेन मा भूदत्र शोधनसम्भ्रमः। सज्जनैः मूलमेव शोध्यताम्। |
क्षीरहोतृ/ क्षीर--होतृ ( र-) mfn. ( g. युक्ता-रोह्य्-आदि)= -याजिन्S3Br. ii Ka1tyS3r.
Vedic Rituals Hindi
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पृष्ठभागोऽयं यन्त्रेण केनचित् काले काले मार्जयित्वा यथास्रोतः परिवर्तयिष्यते। तेन मा भूदत्र शोधनसम्भ्रमः। सज्जनैः मूलमेव शोध्यताम्। |
क्षीरहोतृ पु.
(वह व्यक्ति) जिसके अगिन्होत्र के लिए ऐसी गाय दक्षिणा के रूप में दी गई हो, जो पहली बार दुही गयी हो, आप.श्रौ.सू. 6.15.16; कुछ लोगों के मतानुसार वह व्यक्ति जो अगिन्होत्र के अवशिष्ट दुग्ध से अपना जीवन यापन करता है, किसी के द्वारा धन-प्रदान के द्वारा अगिन्होत्र में लगाया जा सकता है; वह ऋत्विज् जो दक्षिणा के रूप में दुग्ध को स्वीकार कर अगिन्होत्र का अनुष्ठान करता है, काशिकर परि.1; जो अगिन्होत्र में गाय का दुग्ध अर्पित करता हो (आहुति देता है), ‘वाग्यतो दोहप्रभृत्याहोमात् क्षीरहोता चेत्, का.श्रौ.सू. 4.14.31; द्रष्टव्य-क्षीरहोमन्, का.श्रौ.सू. 4.1०.16 (ब्रह्मचार्यगिन्नित्यधारी क्षीरहोम्यगिन्मुप- शायी द्वादशरात्रं षड्रात्रं त्रिरात्रमन्ततः) यजमान द्वारा अगिन्होत्र होम करने के लिए धन- प्रदान द्वारा नियुक्त किया गया ऋत्विक्, श्रौ.को. (अं) 1.115. यह बह्वृच-ब्राह्मण के अनुसार है।
