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दधिघर्म

विकिशब्दकोशः तः

यन्त्रोपारोपितकोशांशः

[सम्पाद्यताम्]

पृष्ठभागोऽयं यन्त्रेण केनचित् काले काले मार्जयित्वा यथास्रोतः परिवर्तयिष्यते। तेन मा भूदत्र शोधनसम्भ्रमः। सज्जनैः मूलमेव शोध्यताम्।

दधिघर्म/ दधि--घर्म m. a warm oblation of दधिS3Br. xiv Ka1tyS3r. A1s3vS3r. S3a1n3khS3r. La1t2y.

पृष्ठभागोऽयं यन्त्रेण केनचित् काले काले मार्जयित्वा यथास्रोतः परिवर्तयिष्यते। तेन मा भूदत्र शोधनसम्भ्रमः। सज्जनैः मूलमेव शोध्यताम्।

दधिघर्म पु.
घनीभूत दूध से निर्मित गरम पेय [दधन साध्यो घर्मो घर्मनामक-कर्मविशेषो दधिघर्मः]; भाष्य-7.8.76० पर; गरम खट्टा दूध, मा.श्रौ.सू. 4.4.2 (माध्यन्दिन सवन के समय आगनीध्र-अगिन् पर दधिघर्म की आहुति दी जाती है); गरम दक्षिणाप्राञ्चम् दधिघर्म 250 दूध एवं जमे हुए दूध का पेय, जिसे अध्वर्यु गरम पात्र (घर्म अथवा महावीर) में उड़ेलता है और इस का प्रयोग माध्यन्दिन सवन के समय की द्रवाहुति में किया जाता है, भा.श्रौ.सू. 1.4.9; आप.श्रौ.सू. 3.3.2; (सोमयाग)=शृत, भा.श्रौ.सू. 11.1०.13; युधि. 119.

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