धिष्णिय
यन्त्रोपारोपितकोशांशः
[सम्पाद्यताम्]Monier-Williams
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पृष्ठभागोऽयं यन्त्रेण केनचित् काले काले मार्जयित्वा यथास्रोतः परिवर्तयिष्यते। तेन मा भूदत्र शोधनसम्भ्रमः। सज्जनैः मूलमेव शोध्यताम्। |
धिष्णिय m. = ण्य, " earth heap "
धिष्णिय m. pl. N. of genii watching the सोमTS. Comm.
Vedic Rituals Hindi
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पृष्ठभागोऽयं यन्त्रेण केनचित् काले काले मार्जयित्वा यथास्रोतः परिवर्तयिष्यते। तेन मा भूदत्र शोधनसम्भ्रमः। सज्जनैः मूलमेव शोध्यताम्। |
धिष्णिय पु.
बनाई गयी अंगीठी, आप.श्रौ.सू. 17.21.1-6, ‘होता’ के ‘धिष्ण्य’ में 12, 16, 21अथवा 24 ईंटें,ब्रह्मणच्छंसी में 11, मार्जालीय में 6, वर्गाकार अथवा वृत्ताकार, सोम- ऋत्विजों के लिए उत्थापितः होत्रिय (होता के लिए); आगनीध्रीय (अगनीध), प्रस्तरीय (मैत्रावरुण) एवं ब्राह्मणच्छंसी, पोता, नेष्टा, अच्छावाक (7 ऋत्विज्, तै.ब्रा. 2.3.6); और अन्त में मार्जालीय; इनमें छः तो सदस् के अन्दर होते हैं, सदस् के पूर्वी द्वार के सामने ‘पृष्ठ्या’ के उत्तर चार एवं दक्षिण में ‘प्रशास्त्रीय’, आप.श्रौ.सू. 11, 14.4-6 ‘मार्जालीय’ ‘हविर्धान’ के दक्षिण की ओर; सदस् के साथ बीच की दूरी 18अंगुल की होती है। ये वर्गाकार होते हैं, और चात्वाल से (ली गई) मिट्टी से निर्मित होते हैं, और उन पर ‘धिष्ण्य’ अगिन् स्थापित कर दी जाती है, का.श्रौ.सू. 8.6.16-22 चयन में इनका निर्माण ईंटों से किया जाता है।
