परिवप्य
यन्त्रोपारोपितकोशांशः
[सम्पाद्यताम्]Monier-Williams
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पृष्ठभागोऽयं यन्त्रेण केनचित् काले काले मार्जयित्वा यथास्रोतः परिवर्तयिष्यते। तेन मा भूदत्र शोधनसम्भ्रमः। सज्जनैः मूलमेव शोध्यताम्। |
परिवप्य/ परि-वप्य m. (fr. वपा)the होमwhich begins and concludes the rites to be performed with the caul or omentum A1pS3r. etc. ( w.r. -वाप्य).
Vedic Rituals Hindi
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पृष्ठभागोऽयं यन्त्रेण केनचित् काले काले मार्जयित्वा यथास्रोतः परिवर्तयिष्यते। तेन मा भूदत्र शोधनसम्भ्रमः। सज्जनैः मूलमेव शोध्यताम्। |
परिवप्य पु.
वह होम, जो वपा की झिल्ली से अनुष्ठित होने वाले कृत्यों का आरम्भ एवं समापन करता है, आप.श्रौ.सू. 14.7.5; ‘स्वाहा देवेभ्यः’ इस मन्त्र से ‘आज्यभाग’ आहुतियां प्रदान करने के पश्चात् दी जाने वाली दो घृताहुतियों का नाम, प्रथम आहुति वपाहोम के पूर्व एवं दूसरी ‘वपा-होम’ के बाद, भा.श्रौ.सू. 7.15.15; 7.16.9 (उभयतो वपाम्)। परिवसेत् (परि + वस् + वि.लि. प्र.पु.ए.व.) (प्रणयन की) प्रक्रिया का समापन अथवा अन्त करना चाहिए, भा.श्रौ.सू. 7.4.5 (प्रोक्षन्तं परिवसेत् इति अपरम्); द्रष्टव्य-7.6.1।
