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मयोभू

विकिशब्दकोशः तः

यन्त्रोपारोपितकोशांशः

[सम्पाद्यताम्]

पृष्ठभागोऽयं यन्त्रेण केनचित् काले काले मार्जयित्वा यथास्रोतः परिवर्तयिष्यते। तेन मा भूदत्र शोधनसम्भ्रमः। सज्जनैः मूलमेव शोध्यताम्।

मयोभू/ मयो--भू mf( ऊ)n. = -भवRV. VS. S3Br. A1s3vGr2.

मयोभू/ मयो--भू m. a Partic. अग्निS3a1n3khGr2.

पृष्ठभागोऽयं यन्त्रेण केनचित् काले काले मार्जयित्वा यथास्रोतः परिवर्तयिष्यते। तेन मा भूदत्र शोधनसम्भ्रमः। सज्जनैः मूलमेव शोध्यताम्।

मयोभू पु.
‘शन्नो देवीः------’ से प्रारम्भ होने वाले सूक्त (अ.वे. 1.6) का नाम, जिसका उच्चारण सभी पुरोहितों द्वारा वपा होम के बाद चात्वाल (संज्ञक गड्ढे) पर अपने ऊपर जल छिड़कते समय किया जाता है, श्रौ.को. (अं.) 1.828 (आपो हिष्ठा-----’ से प्रारम्भ होने वाले शम्भु- संज्ञक प्रथम सूक्त के बाद यह दूसरा सूक्त है, जिसका उच्चारण किया जाता है), अ.वे. 1.5। मरुतां भूति न. एक साम का नाम। जब बछड़ा (वत्स) प्रवर्ग्यदोह के लिए छोड़ दिया जाता है, उस समय अध्वर्यु को इसके स्वयंकृत गायन का उपसंहार करना चाहिए, ला.श्रौ.सू. 1.6.27-37। मरुतां संस्तोभ न. एक साम का नाम, ला.श्रौ.सू. 6.4.8।

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