मातृः
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संस्कृतम्
[सम्पाद्यताम्]- मातृ, जनयित्री, जननी, मातृका, अम्बा, सवित्री, अम्बिका, जनी, जनिका, जनित्री, अम्बाला, अम्बाली, अम्बालिका।
नाम
[सम्पाद्यताम्]- यया महिलया शिशु जन्यते, पालनं लालनम् क्रीयते, तां महिलां माता इति मन्यते।
लिङ्ग्म्-
[सम्पाद्यताम्] आकारान्त स्त्रीलिम्ग मातृः शब्दस्य रूपाणि
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमा विभक्तिः | मातृा | मातृे | मातृाः |
| सम्बोधनप्रथमा | मातृे | मातृे | मातृाः |
| द्वितीया विभक्तिः | मातृाम् | मातृे | मातृाः |
| तृतीया विभक्तिः | मातृया | मातृाभ्याम् | मातृाभिः |
| चतुर्थी विभक्तिः | मातृायै | मातृाभ्याम् | मातृाभ्यः |
| पञ्चमी विभक्तिः | मातृायाः | मातृाभ्याम् | मातृाभ्यः |
| षष्ठी विभक्तिः | मातृायाः | मातृयोः | मातृानाम् |
| सप्तमी विभक्तिः | मातृायाम् | मातृयोः | मातृासु |
अनुवादाः
[सम्पाद्यताम्]उदाहरणानि
[सम्पाद्यताम्]- भारत देशे स्वमातरं अपेक्षया तरव:, नद्य:, जन्मभूमि:, भाषा: इत्यादय: अपि मातृवत् पूजनीया: इति मन्यते।
- प्रथमतया श्रीमद्रामायण महाकाव्ये "जननि जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसि" इति श्लोक: वर्तते।
- भारतमाता।